कर्नाटक हिजाब विवाद क्या है (Hijab Controversy in Hindi)

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कर्नाटक हिजाब विवाद क्या है (Hijab Controversy Karnataka in Hindi)

कर्नाटक हिजाब विवाद 2022 के जनवरी महीने से शुरू हुआ जब कर्नाटक राज्य के उड्डपी क्षेत्र के एक सरकारी महाविद्यालय में पढ़ रही छह लडकियो ने स्कूल प्रबंधन के द्वारा तय किये हुए यूनिफार्म (स्कूल ड्रेस) की जगह हिजाब पहनकर स्कूल में उपस्थित हुई।इसी तरह की घटना राज्य के अन्य प्रांत जैसे कुंडापुर और बिंदूर से भी आई।तब हिजाब के जवाब में  कुछ  छात्र छात्रओ ने भी भगवा स्कार्फ में स्कूल आने लगी।

हिजाब और संविधान

हिजाब पहनना मुस्लिम समुदाय की स्त्रीयों का मौलिक अधिकार है।अनुच्छेद 14 के अनुसार भारत देश के सभी नागरिकों को समानता का अधिकार है।इसका अर्थ यह है कि देश के सभी नागरिक पर धर्म, लिंग, जातीयता के आधार पर कोई भेदभाव न होगा।सब व्यक्ति एक समान होगे।तो वहीं अनुच्छेद 25 से लेकर अनुच्छेद 28 तक में धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लेख है जहां लिख गया है धार्मिक स्वतंत्रता पर प्रत्येक नागरिक का मौलिक अधिकार है।

लेकिन इस वक्तव्य व विवाद में एक पेंच यह भी है कि संविधान में उल्लेख अनुच्छेद 25 से 28 के अंतर्गत सभी व्यक्ति को धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार मिला है यहां तक  अनुच्छेद 25 के अंतर्गत सभी नागरिकों को अपने धर्म का पालन करने और उसका प्रचार करने का अधिकार है किन्तु यहां पर एक पेंच यह है कि संविधान के अनुच्छेद 25(1) के अंतर्गत संविधान कहता है कि सार्वजनिक व्यवस्था को बनाए रखने के लिए राज्य (सरकार) धर्म के प्रचार प्रसार पर प्रतिबंध लगा सकती है।

लेकिन अब यह विवाद (कर्नाटक हिजाब विवाद)राजनैतिक और मजहबी विवाद बन गया है।हाल ही मेें हुए कर्नाटक में हिजाब विवाद (Karnataka Hijab Controversy) पर भारत की राजनीति बहुत ही गरमाई हुई है।इस विवाद (कर्नाटक में हिजाब विवाद)को लेकर सत्‍तारूढ़ दल बीजेपी और विपक्षी कांग्रेस बिलकुल ही आमने-सामने आ गया हैं।

सत्‍तारूढ़ दल बीजेपी का कहना है कि यह हिजाब पहनना एक धार्मिक प्रतीक है। इसलिये शिक्षण संस्‍थानों और कॉलेजों में जंहा पहले से ही तय किये हुए ड्रेस (यूनिफॉर्म) है  वह पहनकर कॉलेजों और शिक्षण संस्‍थानों में जाना चाहिए लेकिन विपक्षी दल कांग्रेस का कहना है कि हिजाब पहनना मुस्लिम लड़कियों का धर्म है और स्कूल व शिक्षण संस्‍थानों में पहनकर जाने का समर्थन किया है। अब यह विवाद हाई कोर्ट के शरण में है।

सिलसिलेवार से एक दृष्टि विवाद पर ( Hijab Controversy date wise)

31 दिसंबर 2021 : कर्नाटक राज्य के उडुपी क्षेत्र के सरकारी महाविद्यालय में पढ़ रही छह लड़कियो ने स्कूल प्रबंधन के द्वारा तय किये हुए यूनिफार्म (स्कूल ड्रेस) की जगह हिजाब पहनकर स्कूल में उपस्थित हुई।जिन्हें क्लास में आने से रोक दिया गया। जिस से उन्होने स्कूल के गेट के  बाहर प्रदर्शन शुरू किया। 

19 जनवरी 2022 : सरकारी महाविद्यालय के प्रशासक ने प्रदर्शन कर रही छात्राओं और उनके माता-पिता के साथ  साथ अधिकारियों के साथ भी बैठक की किंतु इस मीटिंग(बैठक) का कोई भी परिणाम नहीं निकला।

26 जनवरी 2022 : सरकारी महाविद्यालय के प्रशासक ने फिर बैठक करी तब उडुपी क्षेत्र के विधायक रघुपति भट्ट ने बोला कि जो भी छात्राएं हिजाब के बिना स्कूल नहीं आ सकतीं वो घर पर रहकर ही ऑनलाइन पढ़ाई कर सकती है।

27 जनवरी 2022 : प्रदर्शन कर रही छात्राओं ने विधायक रघुपति भट्ट के द्वारा दिये गये सुझाव ऑनलाइन क्लास पढ़ाई करने से मना कर दिया।

2 फरवरी 2022 : उडुपी के ही एक अन्य इलाका कुंडापुर  में स्थित सरकारी महाविद्यालय में भी हिजाब विवाद सामने आया। जहां पर हिजाब के जवाब में हिंदू छात्र छात्राओं ने भी भगवा स्कार्फ पहनकर कॉलेज आ गए।

3 फरवरी 2022 : तब कुंडापुर के सरकारी महाविद्यालय जो भी छात्राएँ हिजाब पहनकर आई थी उन्हें रोका गया. 

5 फरवरी 2022 : पूरे प्रसंग मे राजनीतिक दृष्टिकोण तब आ जाता है जब राहुल गांधी हिजाब पहनकर आ रही छात्राओं के समर्थन में ट्वीट करते है।राहुल गांधी अपने ट्वीट में कहते है कि “हिजाब को शिक्षा के रास्ते में लाकर भारत की बेटियों का भविष्य छीना जा रहा है”

8 फरवरी 2022 :इस ट्वीट के बाद कर्नाटक राज्य के कई जगहों पर हिंसा हुईं है। शिमोगा क्षेत्र से एक वीडियो आया है जिसमें दिखाया जा रहा है कि एक कॉलेज के छात्र ने तिरंगे के पोल पर भगवा झंडा लगा रहा है।कई स्थानो पर से तो पथराव की खबरें भी आ रही है।तो वही मांड्या प्रखंड में बुर्का पहनकर आई एक छात्रा से बदतमीजी भी की गई है।माना जा रहा है छात्रा के सामने भगवा गमछा पहनकर छात्रों ने ‘जय श्री राम’ के नारे लगाए है।

तब से लेकर 22 फरवरी तक सभी कक्षाये स्थगित कर दी गई है।22 फरवरी तक सभी (निजी और सरकारी) शिक्षण संस्थान बंद रहेगे।

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